बड़ी खबर :नोटबंदी का फैसला लिया गया वापस, चलते रहेंगे पुराने नोट।

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नोटबंदी के फैसले को लागू करना हर किसी के बस की बात नहीं हैं, कई बार ये उलटा पड़ जाता हैं। जानें किस सरकार के लिए ये फैसला पड़ा भारी।

नई दिल्ली, 18 दिसंबर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर की रात देश के नाम संदेश देते हुए एलान किया था कि आज आधी रात से 500 और 1000 के नोट बंद कर दिए जायेंगे। इसके साथ ही लोगों को अपने पुराने नोट 30 दिसंबर तक बैंकों में जमा कराने के वक्त दिया गया था। देश की जनता ने नोटबंदी के फैसले का स्वागत किया था। लेकिन, राजनीतिक दल इसके विरोध में खड़े थे। संसद का पूरा शीतकालीन सत्र नोटबंदी के हंगामे की भेंट चढ़ गया। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी अपने फैसले पर डटे और टस से मस तक नहीं हुए। वे लगातार जनता से सहयोग की अपील करते रहे और सरकार लोगों को राहत पहुंचाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करती रही।

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पीएम मोदी के नोटबंदी का ये फॉर्मूला दुनिया भर में हिट हुआ। दुनिया के बाकी देश ये देखकर आश्चर्यचकित थे कि इतने बड़े देश में ये सब कैसे हो गया। पीएम मोदी के इस फैसले प्रभावित होकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश की सबसे बड़ी करेंसी को बंद करने का फैसला लिया था। मादुरो ने 11 दिसंबर को सबसे बड़ी करेंसी 100 बोलिवर के नोटों को बंद करने का एलान किया था। जिससे देश में भारी किल्लत और अराजकता के माहौल हो गया था। लोगों को नई करेंसी नहीं मिल पा रही थी। देश में चारों तरफ अफरा-तफरी मची हुई थी।नोटबंदी के फैसले के बाद पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन होने लगे। प्रदर्शनों ने हिंसक रूप भी धारण कर लिया। फैसले के बाद देश में फैली हिंसा में दर्जनों दुकानें लूटी गई हैं।

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इसके साथ ही विरोध-प्रदर्शन में कुछ लोगों की मौत की भी खबर है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। देश के कई शहरों में हिंसक झड़प की भी खबर है। पुलिस ने दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया है। वेनेजुएला की टोटल करेंसी का 77 फीसदी हिस्सा 100 बोलिवर के नोट में था। राष्ट्रपति की ओर से इन नोटों को बदलने के लिए 10 दिन का वक्त दिया गया था। राष्ट्रपति ने एलान करते हुए कहा था कि माफियाओं से निपटने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया है। उन्होंने माफियाओं पर ऐसे नोटों की जमाखोरी करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही देश की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया था ताकि कोलंबिया जैसे देशों में जमा 100 बोलिवर की ब्लैक मनी वापस देश में नहीं आने पाये।

लेकिन, क्रिसमस से ठीक पहले नोटबंदी के फैसले से यहाँ के लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती ही जा रही थी। बहरहाल हंगामे को देखते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने नोटबंदी के फैसले को टाल दिया हैं। राष्ट्रपति के मुताबिक अब इस फैसले को जनवरी की शुरुआत में लागू किया जा सकता है। मादुरो ने अपने प्रेजिडेंशल पैलेस से संबोधित करते हुए नोटबंदी को स्थगित किए जाने के लिए विरोधियों के प्रचार को जिम्मेदार ठहराया।

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