नोटबंदी पर रूस ने दी भारत को धमकी, कहा- नहीं देंगे भारतीय राजनयिकों को पैसा।

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नोटबंदी के बाद नकदी की किल्लत के कारण दिल्ली स्थित रुसी दूतावास में मौजूद राजनयिक इस वक्त नकदी की भारी किल्‍लत से गुजर रहे हैं।

नई दिल्ली, 07 दिसंबर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले के बाद नकदी की किल्लत के चलते दिल्ली स्थित रूसी दूतावास में कामकाज प्रभावित होने पर रूस ने भारत के समक्ष अपना कड़ा विरोध जताया है। रूस का कहना है कि नोटबंदी की वजह से दिल्ली में उसके राजनयिकों को नकदी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। रूस ने इस मुद्दे पर धमकी देते हुए कहा है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो मॉस्को में मौजूद भारतीय राजदूत को समन जारी किया जाएगा। इससे पहले पाकिस्तानी दूतावास ने भी नोटबंदी के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय में अपना विरोध दर्ज कराया था।

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इस संबंध में रूसी राजदूत एलेक्जेंडर कदाकिन ने विदेश मंत्रालय को एक पत्र में लिखा कि रूसी राजनयिकों के नकदी निकासी पर लगी रोक के मामले में हस्तक्षेप करें। पत्र के माध्यम से कहा कि प्रति सप्ताह 50 हजार रूपए की अपर्याप्त सीमा से दूतावास का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक ने दूतावास को सूचित किया है कि जब तक रिजर्व बैंक कोई निर्देश नहीं दे इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं। आपको बता दें कि रूसी दूतावास में करीब 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। रूसी दूतावास में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हम विदेश मंत्रालय के जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इसका हल निकाला जाएगा।

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उन्होंने बताया कि अगर इस समस्या का हल नहीं निकलता तो हम मॉस्को में आपके दूतावास के भारतीय राजनियकों को तलब कर उनके समक्ष इस मुद्दे को उठाने सहित अन्य विकल्पों पर सोचने को मजबूर हो जाएंगे। अधिकारी ने इस बात का भी संकेत दिया कि अन्य विकल्पों में रूस में तैनात भारतीय राजनयिकों के लिए धन निकासी पर अंकुश भी लगाया जा सकता है। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर फिलहाल भारतीय विदेश मंत्रालय ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इससे पहले, डीन ऑफ डिप्लोमेटिक कोर ने भी यह मुद्दा उठाते हुए दूतावास को हो रही समस्याओं की शिकायत की थी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 रुपये के नोटों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की घोषणा की थी। जिससे सर्कुलेशन में मौजूद करीब 86 फीसदी नकद चलन से बाहर हो गए थे। इसके बाद से देश भर में लोगों को नकदी की भारी किल्लत के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सरकार ने नकदी वितरण को सुचारू रखने के लिए बैंकों एवं एटीएम से नकद निकासी पर सीमा लगा रखी है।

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