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रोज 50 जवान छोड़ देते है नौकरी……. वजह जानकर आप चौक जायेंगे।

सबसे ज्यादा नौकरी सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के जवान छोड़ते हैं। 2010 से 2012 के बीच 15 हजार 990 बीएसएफ जवानों ने यह कदम उठाया।

नई दिल्ली, 11 जनवरी :सुरक्षा बलों के 35 हजार 473 जवान और कर्मियों ने 2010 और 2012 में स्वैछिक सेवानिवृत्ति ली या इस्तीफा दे दिया। यानी औसतन हर रोज करीब 50 जवान नौकरी छोड़ देते हैं। 2012 में जारी गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में यह दावा किया गया हैं। सबसे ज्यादा नौकरी सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के जवान छोड़ते हैं। 2010 से 2012 के बीच 15 हजार 990 बीएसएफ जवानों ने यह कदम उठाया। दूसरा नंबर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का है, जिसके 11 हजार से ज्यादा जवानों ने इन दो सालों में वीआरएस लिया।

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जवानों की नौकरी छोड़ने, आत्महत्या और अनुशासनहीनता का कारण पता करने के लिए सरकार ने IIM अहमदाबाद को शोध की जिम्मेदारी सौंपी। 2012 में ही जारी इस शोध रिपोर्ट में तनाव को नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ी वजह बताया गया। कम नींद, लंबी ड्यूटी, कम छुट्टी, रैंक के अनुसार ड्यूटी न मिलना, हमले की स्थिति में भी फैसला लेने का कम अधिकार, वेतन में असमानता, शिकायतों पर गौर न करना, खराब वर्दी पहनने से आत्मविश्वास कम होना, क्षेत्र में तैनाती के दौरान सेलफोन की सुविधा न मिलना, परिवार के साथ वक्त गुजारने का कम मौका, अधिकारियों की कमी और अधिकारियों की गलत टिप्पणी।

अगस्त, 2015 में संसद में एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बताया कि जवानों का तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान, वरिष्ठों के साथ नियमित संपर्क, छुट्टियों को लेकर लचीली नीति और तनाव प्रबंधन जैसे उपाय किए जा रहे हैं। bsf-jawanदबाव में दे देते हैं जान -साल 2010 से 2012 के बीच 302 जवानो ने ख़ुदकुशी की। सेना में 22 फीसदी यानी 11 हजार कम अधिकारी हैं।

IIM अहमदाबाद की रिपोर्ट में सेना में अनुशासनहीनता और अधिकारी-जवानों की झड़प के बढ़ते मामलों के लिए जवानों के तनाव को जिम्मेदार ठहराया गया है। साल 2012 में सांबा में जवानों और अधिकारियों की बीच झड़प के बाद तत्कालीन रक्षा मंत्री एके एंटोनी ने जवानों के तनाव को इसकी वजह बताया था।

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