ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• रोज खाएं पानी में भीगी हुई मूंगफली के कुछ दाने, होंगे ये 7 फायदे।
• इंटरव्यू के दौरान पूछा गया अटपटा सवाल, जिसका लड़की ने दिया ये करारा जवाब।
• प्रियंका चोपड़ा ने कैमरे के सामने इस काम को कहा था ना, भुगतना पड़ा था ये खामियाजा।
• ये है राष्ट्रपति की बेटी, अब इस कारण से छोड़नी पड़ रही है एयरहोस्टेस की जॉब।
• जब शूटिंग के दौरान प्रेग्नेंट हो गई थी ये एक्ट्रेस, घर बैठने के बजाये किया कुछ ऐसा।
• कमजोर शरीर में जान डाल देगा ये ड्राई फ्रूट, पोषण से है भरपूर।
• चाय बेचकर बना करोड़पति, कभी इस वजह से रिजेक्ट कर देते थे लड़की वाले।
• PM मोदी को सुनानी हो फ़रियाद या करना चाहते है सीधे संपर्क, इन 8 तरीकों से हो सकती है बात।
• टीम इंडिया के इस गेंदबाज ने किया खुलासा, टीम में जगह न मिलने पर करना चाहता था सुसाइड।
• दौड़ के बाद हुई छात्र की मौत, अंतिम संस्कार के दौरान खुली आंख तो हुआ ये सब।
• पति नहीं करता था टच, पत्नी ने सुसाइड नोट में लिखी ये रुला देने वाली बात।
• लगातार हो रही आलोचना पर धोनी ने तोड़ी चुप्पी, विरोधियों को दिया ये करारा जवाब।
• इस IPS ने काटा था धोनी का चालान, अब इस काम के लिए मिलेगा पुरस्कार।
• मध्य प्रदेश में भाजपा को लगा तगड़ा झटका, चित्रकूट विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा।
• यहां लगा था वो शीशा, जहां से अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मावती को देखा था।

सोनिया गांधी ने आडवाणी के लिए ऐसा काम, जो आज तक पूरी भाजपा नहीं कर सकी।

लाल कृष्ण आडवाणी वही नेता है जो मात्र दो सीट हासिल करने वाली पार्टी भाजपा को सिखाया कि सत्ता में कैसे आया जाता है। 

नई दिल्ली, 14 सितंबर :जिस नेता ने भारतीय जनता पार्टी को अपने खून से सींचकर इस मुकाम तक पहुंचाया था आज उसे ही पार्टी से दरकिनार किया जा रहा है। जी हां, ये कोई और नहीं बल्कि भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी है। ये वही नेता है जो मात्र दो सीट हासिल करने वाली पार्टी भाजपा को सिखाया कि सत्ता में कैसे आया जाता है। लेकिन, जब पार्टी सत्ता में आ गई तो अब पार्टी के ही लोग उनको मार्गदर्शक मंडल में डालकर यह दिखा दिया कि उनकी पार्टी में अब कोई ख़ास जरूरत नहीं है।

Advertisement

गौर करने वाली बात है कि उम्र के इस पड़ाव में लाल कृष्ण आडवाणी को अब चलने-फिरने में दिक्कत होना स्वाभाविक है। हाल ही में इसी दिक्कत का सामना आडवाणी जी संसद में करना पड़ा। आडवाणी अपना संतुलन खोकर गिरने ही वाले थे कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें सहारा दिया और गिरने से बचा लिया। इस दौरान भाजपा के बड़े-बड़े नेता निहारते रह गए पर आगे नहीं आये।

मोदी सरकार में एक बड़े नाम की शख्सियत रखने वाले अरुण जेटली आडवाणी को देख तमाशबीन बने रहे। कायदे के मुताबिक, जेटली को आगे बढ़कर आडवाणी की मदद के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए था। लेकिन, ये बहुत शर्म की बात है कि जेटली आडवाणी की मदद के लिए आगे नहीं आये लेकिन, तारीफ़ करनी चाहिए सोनिया गांधी जो आडवाणी के लिए आगे आकर उनकी मदद की।

आपको बता दें, आडवाणी को मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया है उनका राजनीतिक भविष्य भी चौपट हो गया है। लेकिन, ऐसा नहीं करना चाहिए जिससे मानवता शर्मसार हो जाये। देखा जाए पीएम मोदी हो या अरुण जेटली या चाहे अमित शाह यह सभी जितना भी आडवाणी को सम्मान का नाटक करते रहे पर इनके क्रियाकलाप यह सिद्ध करते हैं कि इनके दिल में पार्टी के पितामह के लिए क्या जगह है।

अन्य सटीक और विश्वशनीय जानकारी के लिए हमारा पेज लाइक करें :-
Loading...

Related Articles