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हिमाचल में कांग्रेस को लगा एक और तगड़ा झटका, इस बड़े मंत्री ने थामा भाजपा का दामन।

हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के ठीक बाद कांग्रेस को एक और तगड़ा झटका लगा है। 

नई दिल्ली, 15 अक्टूबर :हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के ठीक बाद कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह की भाभी के भाजपा में शामिल होने के बाद अब मंडी से कांग्रेस के लिए बुरी खबर आई है। चुनाव के एलान के तीसरे ही दिन कांग्रेस के पूर्व दिग्गज नेता पंडित सुखराम और उनके बेटे अनिल शर्मा ने परिवार के साथ भाजपा का दामन थाम लिया।

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इससे सूबे की राजनीति में भूचाल आ गया है। सुखराम के परिवार के भाजपा का दामन थामने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हिमाचल सरकार में पंचायती राज व ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने मंडी में देर शाम घोषणा की कि उन्होंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है और भाजपा की तरफ से मंडी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। आपको बता दें, मंडी जिले में 10 सीटें हैं और कई सीटों पर परिवार का प्रभाव है।

मंडी सदर में 1990 के बाद से भाजपा जीत नहीं पाई है। उसके बाद से सुखराम के परिवार के पास ही यह सीट रही है। 1998 में सुखराम हिविकां के टिकट पर जीते थे। 2003 से अनिल शर्मा इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। भाजपा का दामन थामने के बाद अनिल शर्मा ने जमकर भड़ास निकाली। अनिल शर्मा ने कहा कि मंडी में हुई राहुल गांधी की रैली में मेरे परिवार का अपमान किया गया।

पंडित सुखराम को रैली में आने से रोका गया। मेरे पिता को आया राम, गया राम कहा गया जिसकी वजह से मुझे कांग्रेस में घुटन महसूस हो रही थी। इसी वजह से मुझे कांग्रेस छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा। आपको बता दें, चुनाव आयोग ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश में चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। हिमाचल में 9 नवंबर को विधानसभा का चुनाव एक चरण में होगा, जबकि 18 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी।

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