BSF के जवान के बाद वायरल हुआ CRPF जवान का वीडियो……. PM मोदी से की ये मांग।

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BSF के जवान तेजबहादुर यादव के बाद अब सीआरपीएफ के एक जवान ने एक वीडियो पोस्ट किया हैं। जिसमे में वह कह रहे हैं कि वो पीएम मोदी को संदेश देना चाहता हैं।

नई दिल्ली, 12 जनवरी :BSF के जवान तेजबहादुर यादव के द्वारा वीडियो जारी कर घटिया खाना परोसे जाने और अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के बाद अब सीआरपीएफ के जवान ने वीडियो मैसेज शेयर किया है। इस सीआरपीएफ जवान का नाम कॉन्स्टेबल जीत सिंह है। इस वीडियो में उसने सीआरपीएफ जवानों की अनदेखी होने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस समस्या का हल निकालने की अपील की है। (Video देखने के लिए नीचे जायें)

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सीआरपीएफ के इस जवान ने आरोप लगाया है कि एक जैसी ड्यूटी होने के बावजूद सेना और सीआरपीएफ को दी जाने वाली सुविधाओं में काफी फर्क है। जवान का कहना है कि सीआरपीएफ वालों को न तो पेंशन मिलती है और न कोई दूसरी सुविधा। अपने भावुक अपील में जवान ने सवाल उठाया है कि उनके दर्द को आखिर कौन समझेगा। गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने कहा है कि ‘उन्हें इस बारे में लिखित शिकायत तो नहीं मिली है, लेकिन सरकार जवानों के साथ भेदभाव नहीं होने देगी। जरूरी कदम उठाए जाएंगे।’ वीडियो मैसेज में जवान ने कहा हैं कि ‘मैं कॉन्स्टेबल जीत सिंह सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) का जवान हूं। मैं आप लोगों के जरिए हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री माननीय नरेंद्र मोदी तक एक संदेश पहुंचाना चाहता हूं।’

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जवान ने आगे कहा, ‘मुझे पूरा भरोसा है कि आप लोग मेरा सहयोग करेंगे। मेरा कहना यह है कि हम लोग सीआरपीएफ वाले इस देश के अंदर कौन सी ड्यूटी है, जो नहीं करते। लोकसभा चुनाव, राज्यसभा चुनाव, यहां तक कि छोटे मोटे ग्राम पंचायत चुनाव में काम करते हैं। इसके अलावा, वीआईपी सिक्यॉरिटी, वीवीआईपी सिक्यॉरिटी, संसद भवन, एयरपोर्ट, मंदिर, मस्जिद कोई भी ऐसी जगह नहीं, जहां सीआरपीएफ के जवान अपना योगदान न देते हों। इतना कुछ होने के बाद भी सेना, सीआरपीएफ और बाकी अर्धसैनिक बलों के बीच फैसिलिटीज में इतना अंतर हैं कि आप लोग सुनोगे तो हैरान हो जायेंगे। सबसे पहले मैं माननीय पीएम मोदी जी से कहना चाहूंगा कि देश के अंदर जितने भी सरकारी स्कूल और कॉलेज हैं उनके टीचरों को 50 से 60 हजार रूपये वेतन मिलता हैं। लेकिन, हम लोग छत्तीसगढ़ और झारखंड के जंगलों में तो कभी जम्मू-कश्मीर के वादियों में ड्यूटी करते रहते हैं।

जीत सिंह ने कहा कि हमें न तो कोई वेलफेयर मिलता हैं और न ही कोई तय छुट्टी, हमारे दर्द को भी समझने वाला भी कोई नहीं हैं। दोस्तों, क्या हमलोग इसके हकदार नहीं हैं। आर्मी को पेंशन भी है। हम लोगों की पेंशन भी थी, बंद हो गई। 20 साल बाद जब हम नौकरी छोड़कर जाएंगे तो क्या करेंगे? एक्स सर्विसमैन का कोटा भी हमको नहीं, कैंटीन की सुविधा हमको नहीं, मेडिकल की सुविधा हमको नहीं। ड्यूटी सबसे ज्यादा हमारी। आर्मी को जितनी फैसिलिटी मिलती है, हमें उससे कोई ऐतराज नहीं, उन्हें मिलनी चाहिए। लेकिन हमारे साथ इतना भेदभाव क्यों? हमको भी तो मिलनी चाहिए। अर्धसैनिक बल के इस जवान ने लोगों से अपील की हैं कि वो इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि उनकी बात प्रधानमंत्री मोदी तक पहुँच सके।

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