ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• लगातार हो रही आलोचना पर धोनी ने तोड़ी चुप्पी, विरोधियों को दिया ये करारा जवाब।
• इस IPS ने काटा था धोनी का चालान, अब इस काम के लिए मिलेगा पुरस्कार।
• मध्य प्रदेश में भाजपा को लगा तगड़ा झटका, चित्रकूट विधानसभा सीट पर कांग्रेस का कब्जा।
• यहां लगा था वो शीशा, जहां से अलाउद्दीन खिलजी ने पद्मावती को देखा था।
• गोरा होने के लिए चेहरे पर कभी न लगाएं नींबू और ये 5 चीजें, बढ़ेगा सांवलापन।
• पिता की ख़ुशी की लिए बेटियों ने सड़क पर खुलेआम किया ये काम, लोग बोले …!
• राहुल गांधी ने छीन ली PM मोदी की सबसे बड़ी ताकत, गुजरात में अब कांग्रेस की जीत पक्की।
• ग्रेट खली ने किया खुलासा, इस एक वजह से अब नहीं जाते हैं WWE में लड़ने।
• चुनाव से पहले ही हार गई भाजपा, इस सबसे बड़ी सीट पर हुआ कांग्रेस का कब्जा।
• जानिये, आखिर क्यों किन्नरों के घर पर या उनके हाथों से बना खाना कर देना चाहिए नजरअंदाज।
• 70 साल के इस बुजुर्ग ने यंग लड़की से की शादी, जानिये क्या है पूरी सच्चाई।
• शादी से मुकर गए लड़के वाले तो घर पहुंच गई लड़की, कहा -शादी तो इसी से करुँगी।
• रिलायंस Jio के 399 के रिचार्ज पर रिटर्न होने 300 रूपये, बस फॉलो करने ये स्टेप।
• जानिये, आखिर सड़कों के बीच क्यों खींची जाती है सफ़ेद और पीले रंग की लाइनें।
• लालू यादव ने किया ऐलान, अगले बिहार चुनाव में ये होंगे राजद के CM कैंडिडेट।

सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले मेजर ने किया खुलासा, ऐसे दिया गया था मिशन को अंजाम।

लाइन ऑफ कंट्रोल के पार पाक समर्थित आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के एक साल पूरे होने वाले हैं। 

नई दिल्ली, 11 सितंबर :एलओसी के पार पाकिस्तान समर्थित आतंकियों के ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के करीब एक साल पूरे हो चुके हैं। 28-29 सितंबर की रात भारतीय सेना ने यह बड़ी और साहसपूर्ण कार्रवाई की थी। सर्जिकल स्ट्राइक को नेतृत्व करने वाले मेजर का कहना है कि ये ऑपरेशन काफी सही ढंग से और तेजी से अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन के एक साल पूरा होने पर एक किताब आयी है।

Advertisement

इस मेजर के अनुभवों पर ‘इंडियाज मोस्ट फीयरलेस: द स्टोरीज ऑफ मॉडर्न मिलिट्री हीरोज’ नाम से एक किताब लिखी गई है। इस किताब को शिव अरूर और राहुल सिंह ने लिखा है। इस किताब को पेंग्विन इंडिया ने प्रकाशित किया है। सुरक्षा कारणों से मेजर को इस किताब में मेजर माइक टैंगो नाम दिया गया है। मेजर टैंगो ने किताब मे बताया कि उड़ी हमले में अपने साथियों को गंवाने वाले जवानों को ही इस ऑपरेशन के लिए चुना गया था।

सभी को मेजर टैंगो ने ही चुना था। इस टीम में 19 जवान चुने गए। इसका मकसद उड़ी हमले का बदला लेना था। मेजर ने खुलासा किया कि सीमा पार कर ऑपरेशन को अंजाम देते वक्त जवान बिल्कुल निर्भीक थे। लेकिन, आतंकियों को चौकी के ताबह कर लौटते समय पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग शुरू कर दी। मेजर ने बताया कि कई गोलियां सैनिकों के शरीर के बेहद करीब से गुजरी ऐसे में वहां से लौटने में काफी दिक्कत हुई।

टैंगो को सबसे ज्यादा चीज जो परेशान कर रही थी, वो थी ऑपरेशन से वापसी। ये ऐसा हिस्सा था जहां पर वो अपने आदमी खो सकते थे। ये एक्चुअल अटैक नहीं था, जिससे कमांडेट घबराते। ये वापसी थी, पहाड़ों की चढ़ाई की ओर से वापसी का रास्ता वाकई बेहद चुनौती भरा काम था। ऐसे में पाकिस्तान की आर्मी पोस्ट से आती गोलियों की तरफ कमांडोज की पीठ रहती। उनकी पोस्ट की पोजिशन की वजह से वापस लौट रहे लड़ाकों को आसानी से निशाना बनाया जा सकता था।

मेजर ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक के लिए IS द्वारा संचालित और पाक सेना से संरक्षित आतंकियों के चार लॉन्चिंग पैड को चुना गया था। मेजर ने यह भी खुलासा किया इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए दो पाक नागरिक और दो पीओके के नागरिकों की मदद ली गई थी। दोनों गुप्तचर जैश-ए-मोहम्मद से थे। पूरी कार्रवाई में महज 1 घंटे का समय लगा। आतंकियों को मारने के बाद दोनों टीमें एकत्रित हुई। मारे गए आतंकियों की गिनती के बाद सभी सैनिक सुरक्षित वापस लौट आये। सर्जिकल स्ट्राइक में कुल 38-40 आतंकी मारे गए थे।

अन्य सटीक और विश्वशनीय जानकारी के लिए हमारा पेज लाइक करें :-
Loading...

Related Articles