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IIT से पढ़ाई, फिर जापानी गर्ल से शादी, अब मिला देश की बुलेट ट्रेन का जिम्मा।

पिता ने कहा कि उनके बेटे की कामयाबी पर पूरे देश को फख्र है, उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटा देश की पहली बुलेट ट्रेन का सलाहकार बनेगा।

नई दिल्ली, 14 सितंबर : राजस्थान के रहने वाले संजीव सिन्हा देश की पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के सलाहकार बन गए हैं। 21 जनवरी 1973 को बाड़मेर में जन्‍में संजीव सिन्‍हा आईआईटियन हैं और वे 20 साल से जापान में ही रहते हैं। संजीव ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गांधी चौक से 12वीं की। संजीव बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। 12वीं के बाद पहली ही कोशिश में आईआईटी में चुने गए संजीव का परिवार आर्थिक तौर पर कमजोर था।

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पिता ग्रिफ में नौकरी करते थे, लेकिन सैलरी कम होने से बैंक से कर्ज लेकर बेटे की आईआईटी की पढ़ाई पूरी करवाई। बाड़मेर जिले के पहले आईआईटीयन बने संजीव ने अपनी मां से 25 साल पहले किए वादे को पूरा कर दिखाया। आपको बता दें, बाड़मेर के अंबेडकर कॉलोनी निवासी वीरेंद्र सिन्हा के दो बेटे संजीव और राजीव हैं। राजीव सिन्हा सूरत के एक बैंक में एजीएम है। मां उषा रानी का 14 साल पहले देहांत हो गया और पिता अकेले रहते हैं।

वे जून में ही संजीव से मिलने टोक्यो गए थे। वहां बेटे और बहू के साथ एक महीने तक रहने के बाद वापस बाड़मेर लौट आए। संजीव ने जापान में शादी की थी और उनकी एक बेटी है।जिस बुलेट ट्रेन के वे सलाहकार नियुक्‍त किए गए हैं, वो प्रोजेक्ट साल 2023 तक पूरा होना है। ये हाईस्‍पीड ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद रूट पर चलेगी। भारत की पहली बुलेट ट्रेन की स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। अहमदाबाद से मुंबई पहुंचने में इसे महज दो घंटे लगेंगे।

बताया जा रहा है कि इस हाइ स्पीड रेल परियोजना को पूरा करने में करीब 1 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। परियोजना के लिए सलाहकार के तौर पर अपनी नियुक्ति के बाद सिन्हा ने कहा, मैं दो सरकारों के बीच सेतु का काम करूंगा। यह एक प्रतिष्ठाजनक परियोजना है, लेकिन काफी उलझाने वाली है। राजनीतिक इच्छा को वास्तविक कार्यान्वयन में परिवर्तित करने के लिए बहुत कुछ लगता है।

संजीव के पिता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके बेटे की कामयाबी पर पूरे देश को फख्र है। उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि बेटा देश की पहली बुलेट ट्रेन का सलाहकार बनेगा। उन्होंने कहा, संजीव शुरू से ही जिद्दी था। शुरुआती पढ़ाई से ही उसका परफार्मेंस बेहतरीन था। दसवीं बोर्ड में टॉपर रहा और बारहवीं बोर्ड में स्टेट मेरिट में 8 वें नंबर पर रहा।इसके बाद आईआईटी में पहले ही कोशिश में सिलेक्ट हो गया।

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