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भाजपा ऐसे करे कश्मीर समस्या का समाधान तो जल्द दिखेंगे असर, नहीं तो परिस्थतियाँ और बिगड़ सकती है।

कश्मीर

जानकारों के मुताबिक मोदी सरकार की आक्रामकता कश्मीर के नापाक मंसूबों को उकसा रहा। जिससे हालात तनावपूर्ण हो गया है।

नई दिल्ली (ब्यूरो) 27 अप्रैल : 2016 में J&K में कई महीनों तक अशांति के बाद उम्मीद थी कि 2017 में वहाँ के हालात सुधरेगे। स्कूल कॉलेजों में पढ़ाई बाधित, पत्थरबाजी, पर्यटन सीजन फीका। जुलाई 2016 से जम्मू-कश्मीर के हालात बिगड़ने का नाम ही नहीं ले रहे बल्कि दिन-ब-दिन बदतर होते जा रहे है। जम्मू-कश्मीर में अभी BJP भी अहम रोल है। वह सत्ता में भागीदार है। लेकिन , जो भूमिका अन्य राज्यों में BJP की है वह पहुँच उसकी जम्मू-कश्मीर की जनता तक नहीं है। इसकी वजह कुछ और नही बल्कि जम्मू-कश्मीर के प्रति असंवेदनशीलता है।

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ऐसा नही है कि सरकार ने वहां के हालात सुधारने की कोशिश नहीं की। बस सरकार का तरीका कारगर नही रहा। J&K मुद्दे को संवेदनशीलता के साथ हल करने की जरूरत है। जबकि सरकार ने वहां कॉरपोरेट कल्चर की तरह कोशिश की। लम्बे समय से बेरोजगारी, अशिक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रही जम्मू-कश्मीर की जनता के हृदय में सरकार के प्रति आक्रोश, अविश्वास, गुस्सा है। 2 साल से जम्मू-कश्मीर में BJP-PDP की सरकार है। लेकिन, 2 सालों में स्थिति में कुछ भी सुधार नहीं हुआ।

उन्हीं पर चर्चा के लिए J&K की सीएम महबूब ने पीएम मोदी से मुलाकात की। जहां उपचुनावों में कम वोटिंग और सुरक्षा हालातों पर चर्चा हुई। सीएम ने राज्य के लिए कॉर्पोरेट कल्चर की जगह अटल नीति लाने का सुझाव दिया।महबूबा ने जोर दिया कि राज्य के लिए उस नीति को आगे बढ़ाना होगा जो पूर्व पीएम वाजपेयी ने अपनाई थी। तभी हम स्थिति पर नियंत्रण रख पाएंगे। उन्होंने साफ किया की केंद्र को उसी तरह अलगाववादी नेताओं से बात करनी चाहिए जैसे वाजपेयी जी ने किया था। हिंसा पर काबू करके माहौल बनाना होगा।

जानकारों के मुताबिक मोदी सरकार की आक्रामकता वहां के नापाक मंसूबों को उकसा रहा। जिससे हालात तनावपूर्ण हो गया है। वहां के स्थानीय युवाओं से पत्थरबाजी करवाई जा रही है। युवाओं को तो छोड़िये अब तो स्कूलों के बच्चे और छात्राएं भी इस पत्थरबाजी में शरीक है।

सरकार को चाहिए कि धैर्य और संवेदनशीलता के साथ वहां के लोगों में व्याप्त असुरक्षा की भावना को दूर करना होगा। आक्रमकता की जगह मरहम का रास्ता अपनाना होगा। जम्मू-कश्मीर के मुद्दे में बाकी राज्यों की तरह कॉर्पोरेट कल्चर कारगार नहीं हो सकती। BJP के एक मंत्री चंदर प्रकाश गंगा ने कहा था कि गद्दारों और पठरबजों का इलाज गोलियों से करना चाहिए। BJP को चाहिए की ऐसे मंत्रियों के बकवास बयानों पर रोक लगाये।

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