रिलायंस Jio को मात देने के लिए एयरटेल ने खेला ये बड़ा दांव, नार्वे से डील पक्की।

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रिलायंस जियो को मात देने के लिए इस वक्त देश की तमाम बड़ी टेलीकॉम कंपनियां नये-नए प्लान बना रही हैं। इसी क्रम में एयरटेल ने एक बड़ी डील की हैं।

नई दिल्ली, 4 जनवरी :रिलायंस जियो ने अपनी सर्विस लांच करते वक्त कहा था कि वह आने वाले समय में देश की सबसे बड़ी टेक कंपनी बनने जा रही हैं। जियो के पास अभी 5 करोड़ से ज्यादा कस्टमर्स हैं। लेकिन, अब लग रहा हैं कि जियो के बुरे दौर शुरू होने वाले हैं। दरअसल, एयरटेल ने जियो को मात देने के लिए ये जबरदस्त दांव चला हैं। बताया जा रहा हैं भारती एयरटेल अब नार्वे की कंपनी टेलीनॉर को खरीदने के लिए आखिरी दौर की बातचीत कर रहा हैं। इस सौदे से एयरटेल के पास 4G स्पेक्ट्रम बढ़ जाएगा।

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बताया जा रहा हैं कि डील फाइनल होने पर सबसे ज्यादा नुकसान जियो इन्फोकॉम को होगा। सूत्र ने बताया कि सौदे की बातचीत आखिरी दौर में है। इसमें एयरटेल नॉर्वे की कंपनी का कुछ कर्ज चुकाने का जिम्मा लेगा जबकि बाकी लोन टेलीनॉर को ही चुकाना होगा। इससे पहले टेलीनॉर ने आइडिया और वोडाफोन से भी सौदे के लिए संपर्क किया था। आइडिया ने शेयरों की अदला-बदली के जरिये सौदा करने का ऑफर दिया था क्योंकि कंपनी कर्ज का बोझ नहीं बढ़ाना चाहती थी। हालांकि, टेलिनॉर को यह प्रपोजल अच्छा नहीं लगा।  इसके बाद टेलीनॉर ने एयरटेल से बातचीत की और उसने इस ऑफर के लिए हाँ कह दिया। हालिया ऑक्शन के हिसाब से कंपनी के स्पेक्ट्रम की वैल्यू 81 करोड़ डॉलर तय हुई हैं।

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बताया जा रहा हैं कि इस सौदे से सात सर्किल में उसके पास 4G स्पेक्ट्रम बढ़ेगा और जियो पूरी तरह से फेल हो जायेगा। सूत्रों ने बताया कि टेलिनॉर भारत से पूरी तरह निकलना चाहता है। आपको बता दें, जियो ने भले ही 5 करोड़ का कस्टमर्स बेस बना लिया हैं लेकिन, कहा जा रहा है कि जियो के लिए अब बड़ी मुश्किल आने वाली हैं। बताया जा रहा हैं कि जियो के सामने 6 जनवरी को मुश्किल खड़ी होगी क्योंकि एयरटेल ने जियो के ऑफर को जारी रखने के लिए ट्राई के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका लगाईं हैं। इसकी सुनवाई 6 जनवरी को होनी हैं। 6 जनवरी को दूरसंचार विवाद न्यायाधिकरण के सामने इसकी सुनवाई होगी इसके बाद ही ये पता चलेगा कि जियो का भविष्य किस ओर जायेगा।

आपको बता दें, एयरटेल समेत देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने ट्राई से शिकायत की थी कि जियो टेलीकॉम मार्केट में नियमों को तोड़ रही हैं। जिसमे कहा गया था जियो ने वेलकम ऑफर को 31 मार्च 2017 तक खींचकर नियमों का साफ तौर पर उल्लंघन किया हैं। टेलीकॉम इंडस्ट्री में ये क़ानून हैं कि कोई भी अपने एक प्लान को 3 महीने से ज्यादा नहीं चला सकता। अब देखना यह होगा कि एक तरह जहां जियो पर कानूनी वार होगा वहीं, एयरटेल और टेलीनॉर के बीच डील पक्की होगी तो इसका सबसे बड़ा नुकसान जियो को ही उठाना पडेगा।

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