ताज़ा खबर

ताज़ा खबर
• दस्तावेजों में हुआ खुलासा, अनिल कुंबले ने पेश की थी ये बड़ी डिमांड।
• ट्रैफिक पुलिस के इस हरकत से बुमराह को आया गुस्सा, जानिये क्या है पूरा मामला
• पीएम मोदी के मुरीद हुआ कांग्रेस का ये बड़ा नेता, गडकरी को बताया विकास पुरुष
• राजद नेता ने तेजप्रताप पर लगाया ये संगीन आरोप, कहा -मुझे धक्का देकर और…
• मोदी के दौरे से पहले ट्रंप ने दिया PAK को झटका, छीन सकता है सहयोगी देश होने का दर्जा।
• योगी सरकार को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने अखिलेश के इन चहेतों को किया बहाल।
• विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार मीरा कुमार को लेकर CM योगी दिया ये बड़ा बयान।
• अंतरिक्ष में ISRO की एक और बड़ी कामयाबी, PM मोदी और राहुल गाँधी ने दी बधाई।
• महागठबंधन में दरार, नीतीश के फैसले पर लालू यादव ने दिया ये बड़ा बयान।
• कश्मीर :जामिया मस्जिद के बाहर भीड़ ने DSP की पीट-पीटकर कर दी ह्त्या।
• कुंबले-कोहली विवाद में अब कूदे सौरव गांगुली…. कही ये बड़ी बात।
• भारत के बाद अब नेपाल में बाबा रामदेव को झटका, ये 6 प्रोडक्ट लैब में हुए फेल।
• बेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाले मैच के पहले कोहली ने किया ये खुलासा, आलोचकों के मुंह पर लगा ताला।
• विराट कोहली के लिए पानी आता है फ्रांस से, एक बोतल की कीमत जान होश उड़ जायेंगे।
• लालू ने नीतीश कुमार को दी सलाह, कहा -ऐतिहासिक भूल मत कीजिये।

किंगमेकर बनने की चाह में सिद्धू ‘न घर के रहे’, ‘न घाट के’।

नई दिल्ली, 22 नवंबर :पूर्व भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब, पंजाबियत और पंजाब के लोगों की आवाज बता कर लांच किया गया का नया फ्रंट ‘आवाज-ए-पंजाब’ पूरी तरह से खत्म होने के कगार पर है। एक वक्त था जब सिद्धू को किंग मेकर बन कर उभर रहे थे। लेकिन, उन्हें न तो अब कोई राजनीतिक पार्टी पूछ रही है और ना ही ‘आवाज-ए-पंजाब’ फ्रंट खड़ा करने के दौरान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े उनके सहयोगी। एक वक्त था जब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही सिद्धू को अपने पाले में लाना चाहती थी। उनको भारी भरकम ऑफर दे रही थी, इन ऑफर्स में सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर के लिए भी मंत्री पद जैसे ऑफर और उनके लिए डिप्टी सीएम का पद दिए जाने की बात थी।

लेकिन, सिद्धू की महत्वकांक्षा इससे कहीं ज्यादा थी इसी वजह से वे कभी ‘आप’ तो कभी कांग्रेस से बातचीत करते रहे। हालांकि, सिद्धू के सहयोगी परगट सिंह और लुधियाना से विधायक बैंस ब्रदर्स सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस ने उन्हें पूरा मौका और वक्त दिया कि सिद्धू कोई सही फैसला लें। लेकिन सिद्धू शायद अपने टीवी के मोह को छोड़ नहीं पाये जिसका नतीजा यह निकला कि अब सिद्धू के सहयोगी बैंस ब्रदर्स उनका दामन छोड़ चुके हैं और परगट सिंह भी सिद्धू का हाथ छोड़ कर कांग्रेस का हाथ जल्द ही थामने वाले हैं। सिद्धू को उस बक्त बड़ा झटका लगा जब बैंस ब्रदर्स ने सिद्धू और परगट सिंह के बिना ही ‘आप’ के साथ गठबंधन कर लिया।

Advertisement

बैंस ब्रदर्स की पार्टी लोक इंसाफ पार्टी और ‘आप’ के बीच हुए गठबंधन के मुताबिक लोक इंसाफ पार्टी 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी और बाकी सीटों पर ‘आप’ को समर्थन करेगी। बैंस ब्रदर्स से जब ये पूछा गया कि उन्होंने सिद्धू के बिना ही ये गठबंधन कर लिया हैं तो उन्होंने बताया कि ‘लोगों की मांग पर यह गठबंधन किया है और नवजोत सिंह सिद्धू और परगट सिंह उनके बड़े भाई हैं और उन दोनों को भी इस गठबंधन के बारे में जानकारी दे दी गई है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धू और परगट सिंह अकाली दल और कांग्रेस के साथ नहीं जाएंगे और जल्द ही पंजाब के हित में कोई बड़ा ऐलान नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से किया जाएगा।

‘आप’ के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने इस मौके पर बैंस ब्रदर्स का पार्टी के साथ गठबंधन करने पर स्वागत करते हुए कहा कि ये एक ईमानदार गठबंधन है और इससे आने वाले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी पंजाब में और भी मजबूत होगी। बैंस ब्रदर्स के इस एलान के बाद से ही नवजोत सिंह सिद्धू और उनके सहयोगी परगट सिंह खामोश हैं। उनकी तरफ से इस पर अब तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सूत्रों की मानें तो परगट सिंह भी कभी भी कांग्रेस में जाने का एलान कर सकते हैं। इस वजह से नवजोत सिंह सिद्धू पर भारी दबाव है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्द से जल्द कोई फैसला ले लें नहीं तो पंजाब की राजनीति में वह अलग-थलग पड़ जाएंगे।

अन्य सटीक और विश्वशनीय जानकारी के लिए हमारा पेज लाइक करें :-
Loading...

Related Articles