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किंगमेकर बनने की चाह में सिद्धू ‘न घर के रहे’, ‘न घाट के’।

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नई दिल्ली, 22 नवंबर :पूर्व भाजपा सांसद नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा पंजाब, पंजाबियत और पंजाब के लोगों की आवाज बता कर लांच किया गया का नया फ्रंट ‘आवाज-ए-पंजाब’ पूरी तरह से खत्म होने के कगार पर है। एक वक्त था जब सिद्धू को किंग मेकर बन कर उभर रहे थे। लेकिन, उन्हें न तो अब कोई राजनीतिक पार्टी पूछ रही है और ना ही ‘आवाज-ए-पंजाब’ फ्रंट खड़ा करने के दौरान उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े उनके सहयोगी। एक वक्त था जब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ही सिद्धू को अपने पाले में लाना चाहती थी। उनको भारी भरकम ऑफर दे रही थी, इन ऑफर्स में सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर के लिए भी मंत्री पद जैसे ऑफर और उनके लिए डिप्टी सीएम का पद दिए जाने की बात थी।

लेकिन, सिद्धू की महत्वकांक्षा इससे कहीं ज्यादा थी इसी वजह से वे कभी ‘आप’ तो कभी कांग्रेस से बातचीत करते रहे। हालांकि, सिद्धू के सहयोगी परगट सिंह और लुधियाना से विधायक बैंस ब्रदर्स सिमरजीत सिंह बैंस और बलविंदर सिंह बैंस ने उन्हें पूरा मौका और वक्त दिया कि सिद्धू कोई सही फैसला लें। लेकिन सिद्धू शायद अपने टीवी के मोह को छोड़ नहीं पाये जिसका नतीजा यह निकला कि अब सिद्धू के सहयोगी बैंस ब्रदर्स उनका दामन छोड़ चुके हैं और परगट सिंह भी सिद्धू का हाथ छोड़ कर कांग्रेस का हाथ जल्द ही थामने वाले हैं। सिद्धू को उस बक्त बड़ा झटका लगा जब बैंस ब्रदर्स ने सिद्धू और परगट सिंह के बिना ही ‘आप’ के साथ गठबंधन कर लिया।

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बैंस ब्रदर्स की पार्टी लोक इंसाफ पार्टी और ‘आप’ के बीच हुए गठबंधन के मुताबिक लोक इंसाफ पार्टी 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी और बाकी सीटों पर ‘आप’ को समर्थन करेगी। बैंस ब्रदर्स से जब ये पूछा गया कि उन्होंने सिद्धू के बिना ही ये गठबंधन कर लिया हैं तो उन्होंने बताया कि ‘लोगों की मांग पर यह गठबंधन किया है और नवजोत सिंह सिद्धू और परगट सिंह उनके बड़े भाई हैं और उन दोनों को भी इस गठबंधन के बारे में जानकारी दे दी गई है।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि सिद्धू और परगट सिंह अकाली दल और कांग्रेस के साथ नहीं जाएंगे और जल्द ही पंजाब के हित में कोई बड़ा ऐलान नवजोत सिंह सिद्धू की ओर से किया जाएगा।

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‘आप’ के पंजाब प्रभारी संजय सिंह ने इस मौके पर बैंस ब्रदर्स का पार्टी के साथ गठबंधन करने पर स्वागत करते हुए कहा कि ये एक ईमानदार गठबंधन है और इससे आने वाले विधानसभा चुनावों में आम आदमी पार्टी पंजाब में और भी मजबूत होगी। बैंस ब्रदर्स के इस एलान के बाद से ही नवजोत सिंह सिद्धू और उनके सहयोगी परगट सिंह खामोश हैं। उनकी तरफ से इस पर अब तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। सूत्रों की मानें तो परगट सिंह भी कभी भी कांग्रेस में जाने का एलान कर सकते हैं। इस वजह से नवजोत सिंह सिद्धू पर भारी दबाव है कि वह अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर जल्द से जल्द कोई फैसला ले लें नहीं तो पंजाब की राजनीति में वह अलग-थलग पड़ जाएंगे।

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